जिस काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का आज प्रधानमंत्री श्रेय ले रहे हैं उसकी परिकल्पना श्री संजय गांधी ने की थी।
जिस काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का आज प्रधानमंत्री श्रेय ले रहे हैं उसकी परिकल्पना श्री संजय गांधी ने की थी।
Mr. सूर्य प्रताब सिंह IAS RTD.✍️✍️
जब संजय गांधी ने यह प्रस्ताव रखा तो हिंदू संगठनों ने काशी में बवाल मचा दिया कि हम घाट के आस पास कोई तोड़ फोड़ नहीं होने देंगे और काम नहीं होने दिया।
फिर मुख्यमंत्री रहते काशी विश्वनाथ कॉरिडोर पर पहला बजट VDA को अखिलेश यादव ने दिया, तब भी हिंदू संगठन नाराज थे।
जैसे ही मोदी सरकार ने यह प्रस्ताव रखा, सैकड़ों शिवलिंग उखाड़ दिये गये और पूरे इलाक़े में तोड़फोड़ की गई। पर तब कोई हिंदू भावनाएं आहत नहीं हुई।
स्थानीय जनता ने कुछ रोष दिखाया पर किसी ने उनकी नहीं सुनी। चार दुकानें बनाने के लिए आस पास के कई प्राचीन मंदिर तोड़ दिये गये। काशी विश्वनाथ को ‘धार्मिक मॉल’ बना दिया गया जहां VIP के ठहरने के लिए विशेष कमरे बने हैं।
खैर वापिस संजय गांधी पर लौटता हूँ, एक समय हिंदू हितों के लिए सबसे प्रखर आवाज रहे संजय गांधी से आज भाजपा को इतनी क्या नफरत हो गई कि उनके नाम का अस्पताल तक बंद करवाने पर उतारू हैं?
दरअसल बात संजय और राजीव की नहीं, इन्हें नफ़रत है गांधी शब्द से, गांधी के विचारों से और गांधी की नीतियों से।
अगर उनकी नीतियों को बचाना है तो मतभेद भुला कर @varungandhi80 और @RahulGandhi को साथ आना होगा और एक मंच से देश जोड़ने का संदेश देना होगा।
देश की एकता में ही सबकी समृद्धि है, हिंदू हो या मुसलमान।
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आपका बहुत-बहुत शुक्रिया जी।
अपनी राय दे इसे और बेहतर कैसे किया जाये।
धन्यवाद